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27 Feb 2010, 1715 hrs IST,भाषा कुछ ही दिनों पहले मुंबई के सवाल पर सचिन के खिलाफ मुहिम चला रही शिवसेना अब उन्हें भारत रत्न देने की मांग कर रही है...
27 Feb 2010, 2003 hrs IST,नवभारतटाइम्स.कॉम चिली में शक्तिशाली भूकंप के बाद सूनामी की भी खबर है। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक दूर के द्वीप में सूनामी लहरें पहुंच गई हैं...
27 Feb 2010, 1942 hrs IST,नवभारत टाइम्स अगर आप ट्विटर यूज करते हैं तो सावधान हो जाएं। एक हफ्ते में दूसरी बार ट्विटर पर अटैक हुआ है। यह हमला थोड़े अलग ढंग से हो रहा है...
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| बजट 2010: हाइलाइट्स
|इकनॉमिक सर्वे|बजट की बातें |
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- पाठक पन्ना के लिए भेजें अपने आर्टिकल
पाठक पन्ना एक महीने के लिए फिर से शुरू किया जा रहा है, आप 28 फरवरी तक इस सेक्शन के लिए आर्टिकल भेज सकते हैं...
- छोटी सी कहानीः बदचलन
पिताजी सुनते तो दुखी होकर कहते लड़की और मक्खी अपनी किस्मत लेकर आती हैं। अब जैसी तेरी किस्मत...
- हाथ दिखा कर नज़रें चुराता क्यों है
सूखे पत्तों की तरह बैठा रहा चौखट पर उसकी...वो रास्ता बदल बदल कर इतना सताता क्यों है...वो मुझसे अपनी हस्ती को छुपाता क्यों है...
- ...आखिर हम चाहते क्या हैं?
यहां बात सिर्फ महंगाई तक सीमित नहीं है। हम खुद सामाजिक जिम्मेदारी नहीं निभाते हैं। केवल दोष निकालते हैं...
- चेक पर साइन
यह मस्त-मस्त जोक हमारे एक रीडर ने हमें भेजा है। इसे पढ़कर आप भी हंस-हंसकर लोट-पोट हो जाएंगे...
- शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों का लाइसंस कैंसल हो?
क्या शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों का लाइसंस कैंसल करना सही कदम होगा या फिर उनके लिए कुछ और सजा होनी चाहिए?
- नेताओं को हाइवे पर टोल टैक्स से छूट मिले?
घर फ्री, फोन फ्री, आना फ्री, जाना फ्री, फलाना फ्री, ढिमकाना फ्री और अब हाइवे पर टोल टैक्स भी नहीं देना चाहते हमारे नेता। क्या उन्हें टोल टैक्स न देने की छूट मिलनी चाहिए?
- क्या उत्तर प्रदेश में निवेश लायक माहौल है?
यूपी की सीएम मायावती चाहती हैं कि प्रवासी भारतीय इस राज्य में निवेश करें लेकिन सवाल यह है कि क्या उत्तर प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने लायक माहौल है?
- क्या जसवंत सिंह बेवजह गड़े मुर्दे उखाड़ रहे हैं?
भारत का बंटवारा कराने के लिए नेहरू दोषी थे या फिर जिन्ना? जिन्ना हिंदू विरोधी थे या नहीं? सारे मुसलमानों को पाकिस्तान न भेजने का फैसला सही था या गलत? इस बात को अब 62 साल हो चुके हैं। नई पीढ़ी के लिए अब इस बहस का क्या मतलब है? इतिहास में जो हुआ सो हुआ, वह अब बदलने वाला नहीं है। तो फिर क्यों गड़े मुर्दे उखाड़े जा रहे हैं? क्या अब हमें अतीत की बजाय भविष्य पर ध्यान नहीं देना चाहिए?
- पंडित नेहरू वाली गलती दोहरा रहे हैं हम?
1962 में पंडित नेहरू चीन को पंचशील और शांति का संदेश देते रहे और उस देश ने भारत की पीठ में छुरा घोंप दिया। एक बार फिर वही हो रहा है, क्या पंडित नेहरू की एतिहासिक गलती हम फिर से दोहराने वाले हैं?
- शिक्षा है बुनियादी हक, कैसे रुके मनमानी?
स्कूल कोई भी ऐसा पैमाना या नियम नहीं बना सकता जो रंग, जाति, लिंग, क्षेत्र या स्टेटस के कारण किसी बच्चे को दाखिला पाने से रोकता हो...
- तभी तो हम नोबेल पुरस्कार नहीं जीत पाते...
बड़े शर्म की बात है कि दुनिया के टॉप 100 शिक्षण संस्थानों में एक भी भारतीय संस्थान नहीं है, हमारे IIT, IIM भी इस लिस्ट में काफी नीचे हैं, आखिर क्यों?
- खुश मत हो, यह नोबेल हमारा नहीं है...
तमिलनाडु में जन्मे डॉ. वेंकटरमण रामकृष्णन को केमिस्ट्री का नोबेल पुरस्कार मिला तो भारत के लोग ऐसे खुश हो गए कि यह पुरस्कार उन्हीं को मिला है...
- अपनी सैलरी देखो नेताजी, सीईओ को बख्श दो
प्राइवेट कंपनियों के अधिकारियों की भारी-भरकम सैलरी पर केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद या किसी अन्य नेता या अफसर को टिप्पणी करने का कोई हक नहीं है...
- हम भेड़-बकरियां तो आप क्या हैं थरूर साहब?
इकॉनमी क्लास को कैटल क्लास बताने वाले थरूर खुद इसी क्लास में सफर करते रहे हैं। न्यू यॉर्क के एक शख्स ने उनकी कुछ तस्वीरें सार्वजनिक की हैं...
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