पाइपलाइन
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लंबी दूरी तक बिछाई गई एक पाइपलाइन का दृश्य। | |
| श्रेणी | भौतिक संरचना और परिवहन माध्यम |
|---|---|
| मुख्य सामग्री | कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, जल, घोल (स्लरी) |
| पाइप सामग्री | कार्बन स्टील, डक्टाइल आयरन, एचडीपीई (HDPE) |
| निगरानी प्रणाली | स्काडा (SCADA), स्मार्ट पिग्स |
| विकिडाटा आईडी | Q25471856 |
पाइपलाइन लंबी दूरी तक तरल और गैसीय पदार्थों को उच्च दबाव के तहत सुरक्षित रूप से स्थानांतरित करने के लिए उपयोग की जाने वाली एक भौतिक संरचना है। यह आमतौर पर भूमिगत या जमीन के ऊपर बिछाई गई लंबी पाइपों की एक सतत श्रृंखला होती है। ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक आपूर्ति में इसका महत्व बहुत अधिक है। इसका उपयोग मुख्य रूप से कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और पानी को लंबी दूरी तक भेजने के लिए किया जाता है। आधुनिक इंजीनियरिंग की सहायता से अब लोहे और कोयले जैसे ठोस खनिजों को भी घोल बनाकर पाइपलाइनों के जरिए बंदरगाहों तक आसानी से पहुँचाया जा रहा है।[1][2]
भौतिक और तकनीकी आधार पर पाइपलाइनों को तीन प्रमुख श्रेणियों में बाँटा जाता है: संग्रहण, पारेषण और वितरण। संग्रहण लाइनें कुओं से सीधे कच्चा माल निकालती हैं, पारेषण लाइनें विशाल पाइपों के जरिए इन्हें एक राज्य से दूसरे राज्य तक ले जाती हैं, और वितरण लाइनें संसाधनों को छोटे पाइपों से उपभोक्ताओं तक पहुँचाती हैं। इनके निर्माण में मजबूत कार्बन स्टील का उपयोग होता है और बाहरी जंग रोकने हेतु विशेष कोटिंग की जाती है। इन लंबी लाइनों में तरल का दबाव बनाए रखने के लिए निश्चित दूरी पर शक्तिशाली पंपिंग स्टेशन लगाए जाते हैं। सुरक्षा और रिसाव की जाँच हेतु 'स्काडा' जैसी आधुनिक निगरानी प्रणालियां तथा 'स्मार्ट पिग्स' जैसे सेंसर उपकरणों का उपयोग किया जाता है।[3][4]
आर्थिक दृष्टिकोण से, पाइपलाइन बिछाने की शुरुआती ढांचागत लागत बहुत अधिक होती है, लेकिन निर्माण के बाद संचालन लागत सड़क या रेल परिवहन की तुलना में काफी कम रहती है।[5] यह ढांचा चौबीस घंटे आपूर्ति सुनिश्चित करता है और खराब मौसम से पूर्णतः अप्रभावित रहता है। पर्यावरण के लिहाज से यह परिवहन का सबसे सुरक्षित साधन है क्योंकि इसमें कार्बन उत्सर्जन न्यूनतम होता है। भारत में गेल जैसी संस्थाएं राष्ट्रीय गैस ग्रिड विस्तार में कार्यरत हैं। भविष्य में हाइड्रोजन परिवहन होगा।[6]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Wikidata: Pipeline (Q25471856)". www.wikidata.org. अभिगमन तिथि: 24 February 2026.
- ↑ "The Savage River Slurry Pipeline – The Australian Pipeliner". The Australian Pipeliner. January 2011. मूल से से 18 May 2011 को पुरालेखित।.
- ↑ "Pipeline - Definition, History, Types, Uses, & Facts". Britannica. अभिगमन तिथि: 6 July 2024.
- ↑ He, Guoxi; Tian, Zhiyuan; Liao, Kexi (1 September 2023). "Numerical investigation on the migration of leaked pollutants after liquid pressurized pipeline leakage regarding oil and gas parallel pipelines situation". Process Safety and Environmental Protection. 177: 1–16. डीओआई:10.1016/j.psep.2023.06.055.
- ↑ Conca, James (26 April 2014). "Pick Your Poison For Crude – Pipeline, Rail, Truck Or Boat". Forbes.
- ↑ Martin, May L.; Connolly, Matthew (1 May 2022). "Evaluating a natural gas pipeline steel for blended hydrogen service". Journal of Natural Gas Science and Engineering. 101: 104529. डीओआई:10.1016/j.jngse.2022.104529.
