आर्टेमिस 2
ई लेख एक ठो बहुत हाल के घटना के बर्णन करत बाटे। घटना के प्रगति के अनुसार जानकारी में तेजी से बदलाव संभव बाटे, आ सुरुआती समाचार रपट बहुत बिस्वास जोग नाहिंयो हो सके लीं। हो सके ला कि एह लेख के अंतिम अपडेट सभसे नया जानकारी ना बतावत होखे। (अप्रैल 2026) |
1 अप्रैल 2026 के फ्लोरिडा में नासा के केनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39B से आर्टेमिस 2 के ले जाये वाला स्पेस लांच सिस्टम (एसएलएस) रॉकेट लांच भइल | |
| नाँव |
|
|---|---|
| मिशन प्रकार | चंद्रमा के पास से हो के मानव सहित स्पेसक्राफ्ट उड़ान |
| आपरेटर | नासा |
| मिशन अवधि | 47 दिन, 2 घंटा आ 16 मिनट (चल रहल बाटे) 10 दिन (प्लानिंग बाटे) |
| अंतरिक्षबिमान लच्छन | |
| अंतरिक्षबिमान |
|
| निर्माता |
|
| चालक दल | |
| चालक दल | 4 |
| सदस्य |
|
| मिशन सुरुआत | |
| लांच तारीख | 1 अप्रैल 2026, 22:35:12 UTC (6:35:12 p.m. EDT)[2][3] |
| राकेट | स्पेस लॉन्च सिस्टम |
| लांच के जगह | केनेडी, LC-39B[4] |
| मिशन के अंत | |
| द्वारा रिकभर | अमेरिकी नेवी (सैन एंटोनियो-class एम्फीबियस ट्रांसपोर्ट डॉक) |
| लैंडिंग तारीख | NET 11अप्रैल 2026, 00:21 UTC (10 अप्रैल 5:21 p.m. PDT)[5] |
| लैंडिंग के जगह | प्रशांत महासागर (प्लानिंग बाटे) |
आर्टेमिस 2 (अंग्रेजी: Artemis II) एगो मानव-सहित स्पेसक्राफ्ट वाला चंद्रमा के चारों ओर घूम के वापस लवट आवे वाला स्पेस्फ्लाईट मिशन हवे, जवन आर्टेमिस प्रोग्राम के हिस्सा बा। ई मिशन 1 अप्रैल 2026 के अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य के केप कैनावेरल के बगल में मेरिट आइलैंड पर स्थित केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च भइल,[6] आ एकरा करीब 10 दिन तक चले के योजना बा। एह मिशन में नासा के अंतरिक्ष यात्री—रीड वाइज़मैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच—आ साथे कनाडियन स्पेस एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री जेरमी हैनसन शामिल बाड़ें। ई लोग चंद्रमा के चारों ओर फ्री-रिटर्न ट्रेजेक्टरी से घूम के फेर से वापिस धरती पर लउटी। ई मिशन स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) के दूसरही उड़ान हवे, ओरायन स्पेसक्राफ्ट के पहिला मानव-सवार मिशन हवे, आ 1972 में अपोलो 17 के बाद पहिला अइसन मिशन हवे जवन निचली अर्थ ऑर्बिट से बाहर गइल होखे। एह तरीका से, ई लगभग आधा सदी के बाद होखे वाली अइसन उड़ान बाटे।[7][8]
आर्टेमिस 2 एगो परीक्षण उड़ान (फ्लाइट टेस्ट) हवे, जवन आर्टेमिस प्रोग्राम के आगे के मिशन सभ खातिर रास्ता तैयार करे खातिर भेजल गइल बाटे। एह प्रोग्राम के टार्गेट बा कि 2028 तक इंसान के फेरु से चंद्रमा के सतह पर भेजल जाव, जवन अपोलो 17 के बाद से पहिला बेर होखी। शुरुआत में एह मिशन के नाम एक्सप्लोरेशन मिशन–टू (ईएम–टू) रखल गइल रहे, आ एकर मकसद 2013 में प्रस्तावित, आ अब बंद कइल जा चुकल ऐस्टरॉइड रीडायरेक्ट मिशन के सपोर्ट करे के रहल। 2017 में आर्टेमिस प्रोग्राम शुरू होखे के बाद एह मिशन के टार्गेट आ नाँव दुनों बदल दिहल गइल। एह मिशन के मकसद कुछ हद तक 1968 के अपोलो 8 मिशन जइसन बा, जवन अपोलो प्रोग्राम के पहिला मानव-सवार चंद्रमा उड़ान रहल। हालाँकि, एह मिशन के फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी जादे अपोलो 13 जइसन बा, लेकिन योजना बा कि आर्टेमिस टू चंद्रमा से अउरी बेसी दूर तक ले जाव।
मिशन
[संपादन करीं]आर्टेमिस 2 मिशन के प्लानिंग ई बाटे कि चार गो अंतरिक्ष यात्री के पहिला मानव-सवार ओरायन स्पेसक्राफ्ट में बइठा के चंद्रमा के चारों ओर घुमावल जाव, जेकरा खातिर स्पेस लॉन्च सिस्टम के ब्लॉक वन रूप के इस्तेमाल कइल जाई।
एह मिशन के प्रोफाइल में मल्टी ट्रांस-लूनर इंजेक्शन (एमटीएलआई) शामिल बा, मतलब कई बेर अलग-अलग इंजन फायर क के आगे बढ़ावल जाई, आ एहमें चंद्रमा से वापस लवटे वाला फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी भी शामिल बा। ओरायन स्पेसक्राफ्ट के पहिले हाई अर्थ ऑर्बिट में भेजल जाई, जेकर कुल टाइम करीबन 24 घंटा के होखी। एह दौरान चालक दल (क्रू) स्पेसक्राफ्ट के लाइफ सपोर्ट सिस्टम के जाँच करी, आ अंतरिक्ष में मिलन (रेंडीवू) आ नजदीकी संचालन (प्रॉक्सिमिटी ऑपरेशन) के प्रदर्शन करी। एह काम खातिर इस्तेमाल भइल इंटरिम क्रायोजेनिक प्रोपल्शन स्टेज (आईसीपीएस) के लक्ष्य (टारगेट) बनावल जाई। जब ओरायन फेर से पेरिजी (धरती के सबसे नगीचे बिंदु) पर पहुँची, तब ऊ आपन मुख्य इंजन के चालू करी, जवना से कि ट्रांस-लूनर इंजेक्शन (टीएलआई) के पूरा कइल जा सके। एहसे स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा के ओर फ्री-रिटर्न रास्ता पर निकल जाई, आ फेर वापस धरती पर लउटी।
क्रू के मेंबर लोग 27 मार्च के केनेडी स्पेस सेंटर पहुँचल, आ लॉन्च के काउंटडाउन 30 मार्च से शुरू भइल।
संदर्भ
[संपादन करीं]- ↑ @NASA (September 24, 2025). "Integrity. That's what the Artemis II astronauts have decided to name their Orion spacecraft, which will take them from @NASAKennedy on their journey around the Moon and return them safely back to Earth" (Tweet). Retrieved September 24, 2025 – via Twitter.
- ↑ Clark, Stephen (February 21, 2026). "NASA says it needs to haul the Artemis II rocket back to the hangar for repairs". Ars Technica (अंग्रेजी में). Retrieved February 22, 2026.
- ↑ Low, Lauren E. (April 1, 2026). "Liftoff! NASA Launches Astronauts on Historic Artemis Moon Mission". NASA. Retrieved April 1, 2026.
- ↑ Hill, Bill (March 2012). "Exploration Systems Development Status" (PDF). NASA Advisory Council. Archived from the original on February 11, 2017. Retrieved July 21, 2012.
This article incorporates text from this source, which is in the public domain. - ↑ "Next Spaceflight". Next Spaceflight (अंग्रेजी में). Retrieved April 1, 2026.
- ↑ मोरेल, रेबेका; फ़्रांसिस, एलिसन (31 मार्च 2026). "आर्टेमिस-2 लॉन्च, 50 साल बाद चांद की ओर नासा की उड़ान". BBC News हिंदी (Hindi में). Retrieved 3 अप्रैल 2026.
- ↑ "Artemis II". www.esa.int (अंग्रेजी में). Retrieved 3 अप्रैल 2026.
- ↑ "'50 साल में पहली बार अमेरिका फिर से चंद्रमा पर जा रहा है…' NASA का ऐतिहासिक आर्टेमिस-2 मिशन लॉन्च, चार अंतरिक्ष यात्री रवाना". जनसत्ता (Hindi में). 2 अप्रैल 2026. Retrieved 3 अप्रैल 2026.
| ई खगोलिकी-संबंधित लेख एगो आधार बाटे। जानकारी जोड़ के एकरा के बढ़ावे में विकिपीडिया के मदद करीं। |
